श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी (मजारा) एक महान आत्मा थे, जिनका जन्म सन् 1862 में
बल्लोवाल (नवांशहर) में पिता मंगल दास और माता साहिब देवी जी के घर हुआ था। उनका मुख्य तीर्थस्थल
गुरुद्वारा नाभ कंवल (नौ आबाद) मजारा राजा साहिब (जिला शहीद भगत सिंह नगर) है, जहां भाद्रो
मासिया के अवसर पर प्रतिवर्ष जयंती मनाई जाती है।
श्री नाभ कंवल राजा साहिब जी (मजारा) का इतिहास:
प्रारंभिक जीवन: उनका पैतृक गांव मन्नानहाना (होशियारपुर) था, लेकिन उनका जन्म उनके ननिहाल बल्लोवाल में हुआ था।
कम उम्र से ही उन्होंने स्वयं को परमेश्वर की भक्ति में समर्पित कर दिया था।
ध्यान और मजारा स्थान: राजा साहिब जी ने मजारा गांव में गहन ध्यान और तपस्या में लंबा समय बिताया।
यह स्थान नौ आबाद के नाम से जाना जाता है, जो एक ऊँचा और शांत टीला था।
नाभ कंवल नाम का महत्व: उन्हें 'नाभ कंवल' इसलिए कहा जाता है क्योंकि उनकी आध्यात्मिकता कमल के फूल की तरह शुद्ध और उदात्त थी।
शिक्षाएं: उन्होंने प्रेम, भक्ति, निस्वार्थ सेवा और मानवता की सेवा का संदेश दिया। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की
शिक्षाओं और सिख सिद्धांतों का पालन करने के लिए प्रेरणा दी।